ओलंपिक्स

बस ड्राइवर की बेटी प्रणति नायक ने टोक्यो ओलंपिक्स में बनाई जगह

जिमनास्ट प्रणति नायक (Pranati Nayak) का नाम टोक्यो ओलंपिक्स 2021 (Tokyo Olympics 2021) के लिए क्वालीफाई करने के बाद काफी सुर्खियों में है। प्रणति नायक भारत की एकमात्र जिमनास्ट है जिन्होंने इस बार टोक्यो ओलंपिक्स के लिए क्वालीफाई किया है।

जिमनास्ट प्रणति नायक (Pranati Nayak) का नाम टोक्यो ओलंपिक्स 2021 (Tokyo Olympics 2021) के लिए क्वालीफाई करने के बाद सुर्खियों में है। नायक भारत की एकमात्र जिमनास्ट है जिन्होंने इस बार टोक्यो ओलंपिक्स के लिए क्वालीफाई किया है।

कोरोना महामारी के कारण मई के अंतिम सप्ताह में होने वाली एशियाई चैंपियंशिप को रद्द कर दिया गया है। जिसके बाद पिछले परिणामों को देखते हुए प्रणति को ओलंपिक्स कोटा मिला है।

एशियाई कलात्मक जिमनास्टिक चैंपियनशिप 2019 में नायक ने शानदार प्रदर्शन करते हुए वॉल्ट में कांस्य पदक हासिल किया था। इस प्रदर्शन की वजह से ही प्रणति को टोक्यो ओलंपिक्स के लिए कोटा हासिल करने में मदद मिली है।

हालांकि, अंतर्राष्ट्रीय जिम्नास्टिक महासंघ (FIG) ने इस बारे में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन यह लगभग निश्चित है कि प्रणति नायक को टोक्यो ओलंपिक्स का टिकट मिल गया है।

9 साल की उम्र से हुई थी शुरुआत

पश्चिम बंगाल के झारघम की रहने वाली प्रणति नायक एक विनम्र पृष्ठभूमि से आती है। प्रणति के पिता 2017 में रिटायरमेंट से पहले अपने परिवार का पालन-पोषण करने के लिए एक बस ड्राइवर के रूप में काम करते थे, जबकि उनकी मां एक गृहिणी हैं।

नायक परिवार के लिए पैसा कमाना मुश्किल था लेकिन उन्होंने कभी इस बाधा को अपनी बेटी के सपनों के बीच नहीं आने दिया। प्रणति ने 9 साल की उम्र में जिमानास्टिक में कदम रखा था और अपने कोच के कहने पर वह कोलकाता शिफ्ट हो गई थी।

प्रणति ने अपने खेल के बारे में ज्यादातर चीजें कोलकाता पहुंचकर सीखी। 9 साल की उम्र में दूसरे शहर में जाना कठिन हो सकता है लेकिन प्रणति ने इसे अपनी ताकत मानते हुए आगे बढ़ने का फैसला किया। जिसके बाद उन्हें कोलकाता में कोच कम गाइड मिनारा बेगम का साथ मिला।

बेगम ने न केवल प्रणति के सपनों में पंख लगाए बल्कि कोलकाता में उनकी सभी वित्तीय जरूरतों का भी ख्याल रखा। पैसा न होने के कारण प्रणति का सपना पूरा करने में कई बार परिवार को परेशानी आई लेकिन बेगम ने हमेशा उनका साथ दिया। बेगम ने प्रणति के रहने से लेकर खाने तक सभी खर्चों का ध्यान रखा।

सफलता की राह

बेगम के मार्गदर्शन में प्रणति के खेल में काफी सुधार आया और बहुत जल्द वह एक शानदार जिमनास्ट बनकर उभरी। लगातार शानदार प्रदर्शन करने पर प्रणति को इंडियन रेलवे में नौकरी मिली, और उन्होंने वहां काम करना शुरू किया।

लेकिन, वह 2019 एशियाई कलात्मक जिम्नास्टिक चैंपियनशिप थी जिसने प्रणति के जीवन को बदल दिया। मिनारा बेगम इस समय रिटायरमेंट ले चुकी थी।

मंगोलिया में कांस्य पदक जीतने के बाद उन्हें केवल राष्ट्रीय स्तर पर ही पहचान नहीं मिली बल्कि लगभग दो साल बाद अब उन्होंने टोक्यो ओलंपिक्स के लिए भी क्वालीफाई कर लिया है।

प्रणति नायक जब टोक्यो में मैदान में उतरेंगी तो वह ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाली केवल दूसरी जिमनास्ट होगी।

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ankur patwal

Sports Journalist

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