क्रिकेट

पंत या गिल, भारतीय टीम का अगला सहवाग कौन?

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज जीतने के बाद वीरेंद्र सहवाग का नाम लेना जरुरी है, क्योंकि भारत के दो युवा खिलाड़ी शुभमन गिल और ऋषभ पंत की पारियों ने यह जता दिया है कि टीम में सहवाग की कमी पूरी हो गई  है या सहवाग की कमी पूरी होने वाली है।

नई दिल्ली- जिन लोगों ने वीरेंद्र सहवाग को खेलते हुए देखा है, वह सहवाग की बैटिंग करने के अंजाद से वाकिफ होंगे। भारत के मैदान रहे हो या विदेशी धरती, तेज गेंदबाज हो या फिर स्पिन वीरेंद्र सहवाग के बल्ले ने जमकर आग उगली है। सहवाग के खेलने के अंदाज के दुनियाभर में प्रशंसक है। आज भी विस्फोटक बल्लेबाजों का जिक्र होता है, तो सहवाग का नाम जरुर लिया जाता है।
भारतीय टीम का अगला सहवाग कौन?
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज जीतने के बाद वीरेंद्र सहवाग का नाम लेना जरुरी है, क्योंकि भारत के दो युवा खिलाड़ी शुभमन गिल और ऋषभ पंत की पारियों ने यह जता दिया है कि टीम में सहवाग की कमी पूरी हो गई  है या सहवाग की कमी पूरी होने वाली है।
शुभमन गिल का टेस्ट में डेब्यू
आईपीएल 2020 में शानदार प्रदर्शन करने वाले शुभमन गिल को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टीम में शामिल किया गया, पहले टेस्ट में गिल को अंतिम 11 में जगह नहीं दी गई, लेकिन दूसरे टेस्ट में गिल को पृथ्वी शॉ की जगह टीम में शामिल किया गया। ऑस्ट्रेलियाई आक्रमण के सामने ऑपनिंग करने उतरे गिल ने अपने इरादे जता दिए थे, की वो लंबी रेस के घोड़े है। अपने डेब्यू मैच की पहली पारी में गिल ने शानदार 45 रनों की पारी खेली, जिसमें उन्होंने 8 बार गेंद को सीमा रेखा के बाहर भेजा। गिल ने दूसरी पारी में भी नॉट आउट रहते हुए 35 रन बनाए और टीम जीत दिलाकर मैदान से वापस लौटे।
रोहित के सामने चमके गिल!
पहले टेस्ट में शानदार प्रदर्शन करने का इनाम गिल को मिला और तीसरे टेस्ट अनुभवी रोहित शर्मा के साथ उन्हें ऑपनिंग के लिए भेजा गया, ऑस्ट्रेलिया की तेज पिचों पर तेज गेंदबाजों के सामने बल्लेबाजी करने आसान नहीं था। लेकिन गिल ने अनुभवी बल्लेबाज रोहित से अच्छी बल्लेबाजी करते हुए टेस्ट क्रिकेट में अपना पहला अर्धशतक जमाया, जिसके लिए उन्होंने 8 चौके लगाए और 101 गेंदों का सामना किया। वहीं, दूसरी पारी में भी 64 गेंदों में 31 रनों की पारी खेली।
गाबा में गिल का जलवा
गाबा टेस्ट की पहली पारी में गिल कोई खास पारी नहीं खेल सके, लेकिन दूसरी पारी में सबकुछ देखने को मिला, जो सलामी बल्लेबाज के लिए जरूरी होती है, दूसरी पारी में गिल ने 146 गेंदों का सामना करते हुए 91 रनों की पारी खेली, गिले के बल्ले से निकले हुए सिर्फ ये 91 रन नहीं थे, बल्कि ये रन भारतीय क्रिकेट फैंस के दिल और दिमाग में बसने वाले थे। गिल की इस पारी ने गाबा में भारतीय टीम को इतिहास रचने में अहम भूमिका निभाई। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज में गिल की बल्लेबाजी ने उन्हें दूसरा सहवाग कहने को मजबूर कर दिया है।
पंत ने आलोचकों को किया चित!
करीब एक साल पहले की बात है, ऋषभ पंत को इंग्लैंड में खेले गए विश्व कप के बीच में भारतीय टीम में शामिल किया गया था। पंत को अंतिम ग्यारह में खेलने का मौका मिला था, लेकिन उस समय गैरजिम्मेदाराना शॉट खेलकर पंत ने अपने विकेट गेंदबाज को तोहफे में दिए, जिसके बाद पंत पर लगातार सवाल उठते रहे है, लेकिन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेली गई टेस्ट सीरीज में पंत ने अपने आलोचकों को करारा जवाब दिया है।
बने टीम के संकटमोचक
बता दें की तीसरे टेस्ट मैच की पहली पारी में ऋषभ पंत ने 76 गेंदों में 36 रना बनाए, जबकि दूसरी पारी में धैर्य से खेलते हुए 97 रनों की पारी खेली, इस दौरान पंत शतक से भले ही चूक गए हो, लेकिन उन्होंने टीम के संकटमोचक बनकर ना केवल मैच ड्रॉ करवाया बल्कि टीम को हार से भी बचाया।
मैच्योरिटी भरी ऋषभ पंत की पारी
गाबा में खेले गए टेस्ट की पहली पारी में पंत के बल्ले से 23 रन निकले, जबकि दूसरी पारी में 89 रनों की पारी खेली, पंत की इस धैर्य, जूझारू और मैच्योरिटी भरी पारी ने असंभव को संभव कर दिखाया। गाबा टेस्ट की दूसरी पारी में ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज, स्टार्क, कमिंस और हैजलवुड पंत को आउट नहीं कर पाए। ऋषभ पंत ने अपनी इसी ऐतिहासिक पारी में 138 गेंदों का सामना किया और 9 चौके व 1 छक्का लगाया ऋषभ पंत की पारी में वो सब था, जो सहवाग की पारी में देखने को मिलता था।
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