क्रिकेटखेल समाचार

अपने आप को बदकिस्मत नहीं मानता कि मैं एमएस धोनी के युग में खेलने आया- पार्थिव पटेल

जब से एमएस धोनी ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा है तब से अन्य भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाजों को राष्ट्रीय टीम में कम ही खेलना का मौक मिला है। जिसमें दिनेश कार्तिक और पार्थिव पटेल का नाम शामिल है। कई लोगों का मानना है कि पार्थिव पटेल को अन्य अवसर मिल सकते थे जब धोनी शुरुआत में अपने बल्ले से कुछ नहीं कर पा रहे थे। पार्थिव ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में धोनी से पहले डेब्यू किया था और उनका मानना है कि यह कोई गलत युग नहीं था जिसने राष्ट्रीय टीम में उनके विकास को बाधित किया।

पार्थिव पटेल ने 2002 में भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू किया था और उसके एक साल बाद वह वनडे टीम में भी शामिल कर लिए गए थे। वनडे टीम में शानदार प्रदर्शन नहीं करने के बाद टीम प्रबंधन ने पार्थिव पटेल का प्रतिस्थापन देखना शुरू कर दिया था और उसके बाद टीम में विकेटकीपर बल्लेबाज के रूप में धोनी को जगह मिल गई थी।

फीवर नेटवर्क के साथ बातचीत में पार्थिव ने कहा, ” मैं खुद को धोनी के युग में खेलने के लिए अशुभ नहीं मानता। मैंने उनसे पहले अपने करियर की शुरूआत की थी, और मुझे उनसे पहले भी प्रदर्शन करने का मौका मिला था।”

उन्होंने आगे कहा, ” धोनी टीम में इसलिए आए क्योंकि मैं एक-दो सीरीज में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाया था जिसके बाद मुझे ड्रॉप कर दिया गया था। मझे पता है कि लोग इसे केवल सहानुभूति हासिल करने के लिए कह सकते हैं कि मैं गलत युग में पैदा हुआ था। “

हालांकि इस बात से कोई इनकार नहीं कर सकता है कि पार्थिव फर्स्ट क्लास क्रिकेट में एक शानदार क्रिकेटर है, लेकिन धोनी के बाद से राष्ट्रीय टीम में आने के उनके अवसर कम हो गए थे। ऐसी स्थिती के बावजूद, पटेल भाग्य के बजाय अपने प्रदर्शन को दोष दे रहे थे क्योंकि धोनी के आने के बाद उन्हें ज्यादा मौके नहीं मिल पाए जो भारत के लिए एक आशाजनक अच्छे विकेटकीपर हो सकते थे।

पटेल ने कहा, “धोनी ने जो कुछ भी हासिल किया है, वह बहुत ही खास है, और वह ऐसा इसलिए कर पाए जितने भी उन्हें मौके मिले उसपर वह खरा उतरे। मैं अपने आप को कभी बदकिस्मत नहीं मानता।’

पार्थिव ने अब तक भारत के लिए केव 25 टेस्ट, 38 वनडे और 2 टी-20 मैच खेले है। उन्होंने अपना आखिरी टेस्ट मैच 2018 में दक्षिण-अफ्रीका के खिलाफ खेला था।

Tags
Show More

Amit Jha

अमित झा पत्रकारिता की पढ़ाई कर रहे हैं और इससे पहले लेखक के तौर पर मीडिया दरबार में काम करते थे, अब स्पोर्ट्सऑवर के लिए खेल के संबंध में लिखते है

Related Articles

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Back to top button
Close
Close

Adblock Detected

If you like our content kindly support us by whitelisting us Adblocker.