कुश्ती

Inside Story : छात्रसाल स्टेडियम पहलवान हत्याकांड! जानिए कैसे एक विनर बना किलर

क्रिकेट के बाद अगर भारत में किसी खेल ने लोकप्रियता हासिल की तो वो कूस्ती का अखाड़ा है। इतना ही नहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भारत के पहलवानों ने विरोधियों को धूल चटाई है। जब बात भारतीय पहलवानों की आए तो सुशील कुमार का नाम सबसे पहले सबके जुबां पर आता है।
जब पहले हम सुशील कुमार के वीकिपीडिया पेज या उनका नाम गूगल करते थे तब वहां आपको नजर आता था कि कैसे दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के बापरौला गांव से ओलिंपिक, एशियाड, कॉमनवेल्थ गेम्स और वर्ल्ड चैंपियनशिप के पोडियम तक का सफर उन्होंने तय किया। यह कहानी काफी रोमांचक थी। एक प्रेरणादयी कहानी। लेकिन अचानक से फिर कैसे एक विनर को किलर की उपाधि मिल जाती है।

sushil kumar

आज अगर ओलिंपिक पदक विजेता सुशील कुमार के बारे में गूगल करें तो वहां हत्यारा, अपराधी जैसे शब्द उनके नाम के आगे जुड़ गए हैं।

तिरंगे को लहराते सुशील टीवी स्क्रीन पर

वो लम्हा याद कीजिए जब सुशील टीवी स्क्रीन पर तिरंगे को लहराते हुए उसे ओढ़े नजर आते थे आज वही सुशील कुमार तौलिए से अपना मुंह छुपाते नज़र आ रहे हैं, किसी ने इसके बारे में नहीं सोचा होगा। खुद सुशील ने भी नहीं। सुशील जो दुनियाभर के पहलवानों को पटखनी दे रहा था, हवालात में उसकी पहली रात रोते हुए बीती।

दरअसल, पहलवान सागर धनखड़ हत्याकांड के मुख्य आरोपी दो बार के ओलंपिक पदक विजेता पहलवान सुशील कुमार अभी पुलिस रिमांड पर हैं।

सू़त्रों से मिली जानकारी के अनुसार सुशील कुमार की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। हालांकि, सुशील के वकील ने इस रिमांड का विरोध किया है. दिल्ली पुलिस की पूछताछ के दौरान दो बार का ओलंपियन सुशील कुमार शातिर बदमाश की तरह बर्ताव कर रहा है। पुलिस की पूछताछ में वह बिल्कुल भी सहयोग नहीं कर रहा है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार पुलिस की एक टीम सोमवार सुबह सुशील व उसके करीबी अजय को लेकर उत्तराखंड के लिए निकल गई।

अब आने वाला वक्त ही बताएगा की छत्रसाल स्टेडियम में चार मई की रात जब सागर धनखड़ हत्याकांड को अनाजम दिया गया उसमे और क्या अहम खुलासे होंगे..?

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Sahil Sharma

Seo executive

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