क्रिकेटखेल समाचार

चैंपियंस ट्रॉफी जीतकर एमएस धोनी बने थे तीनों आईसीसी खिताब पर कब्जा करने वाले पहले कप्तान

भारतीय क्रिकेट टीम ने साल 2013 में आज ही के दिन (23 जून) इंग्लैंड को मात देकर चैंपियंस ट्रॉफी के खिताब पर कब्जा किया था। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान एमएस धोनी ने अपनी अगुवाई में टीम को इस टूर्नामेंट के खिताब पर कब्जा कराया था। जिसके बाद वह आईसीसी ट्रॉफी की हैट्रिक लगाने वाले क्रिकेट इतिहास के पहले कप्तान बने थे।

उस समय इंग्लैंड के लिए उड़ान भरने वाली भारतीय टीम के पास वह अनुभव नहीं था जो धोनी के पास 2011 विश्वकप जीतने के दौरान था। लेकिन युवा खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए हर किसी को चौंकाया।

एमएस धोनी की अगुवाई वाली भारतीय टीम ने टूर्नामेंट की शुरूआत दक्षिण अफ्रीका, वेस्टइंडीज और पाकिस्तान को मात देकर की और नॉकआउट स्टेज में जगह बनाई। सेमीफाइनल मैच भारत के लिए एकतरफा नजर आया कोई टीम ने उस मैच में श्रीलंका के ऊपर 7 विकेट से एक आसान जीत दर्ज की थी।

23 जून, 2013 को भारत फाइनल में मेजबान इंग्लैंड के खिलाफ एडबस्टन में खेलने के लिए उतरी। बर्मिंघम में एक तेज बारिश ने मैच का पूरा मजा बेकार कर दिया और फैंस को ऐसा लग रहा था कि आज मैच नहीं होगा।

बहुत इंतजार करने के बाद बारिश रूकी और 20-20 ओवर का खेल खेला गया। जहां इंग्लैंड के कप्तान एलिस्टर कूक ने टॉस जीतकर भारत को पहले बल्लेबाजी करने का मौका दिया।

उस समय भारत के नए ओपनर रोहित शर्मा और शिखर धवन टीम का एक मजबूत स्तंभ बने हुए थे क्योंकि उस टूर्नामेंट में दोनों खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया था। लेकिन उस मैच में इन दोनों सलामी बल्लेबाजों का बल्ला भी शांत रहा। मिडल ऑर्डर के बल्लेबाज भी कुछ खास नहीं कर पाए और टीम का स्कोर एक वक्त 66 रन पर 5 विकेट था और केवल 7 ओवर बाकि थे।

हालांकि, विराट कोहली और रविंद्र जडेजा की 34 गेंदों में 43 रन की साझेदारी ने टीम को एक चुनौतीपूर्ण लक्ष्य पर लाकर खड़ा किया।

लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की टीम बल्लेबाजी में संघर्ष करते दिखी और 9 ओवर में 47 रन पर टीम 4 विकेट गंवा चुकी थी। हालांकि, उसके बाद इयोन मोर्गन और रवि बोपारा की 64 रन की साझेदारी खिताब से भारत को दूर ले जा रही थी।

लेकिन फिर एक बार धोनी ने अपनी कप्तानी से सबको आश्चर्यचकित किया और 18वें ओवर में ईशांत शर्मा को गेंद थमाई। धोनी का यह निर्णय एक शानदार निर्णय था क्योंकि ईशांत ने लगातार अपने दो गेंदो में मोर्गन और बोपारा को पवैलियन का रास्ता दिखाया। इसी के साथ टीम इंडिया ने एक बार फिर मैच में वापसी की।

आखिरी दो ओवरों में टीम को 19 रनों की और जरूरत थी। हालांकि, रविंद्र जडेजा और अश्विन की शानदार गेंदबाजी के सामने इंग्लैंड के बल्लेबाज घुटने टेकते नजर आए और टीम ने फाइनल मैच को 5 रन से जीता।

यह भारतीय कप्तान के लिए एक ऐतिहासिक दिन बना क्योंकि धोनी क्रिकेट के इतिहास में तीनों आईसीसी टूर्नामेंट जीतने वाले पहले कप्तान बने थे। इससे पहले धोनी की अगुवाई में टीम ने 2007 टी-20 विश्वकप और 2011 विश्वकप जीता था।

Tags
Show More

ankur patwal

Sports Journalist

Related Articles

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Back to top button
Close
Close

Adblock Detected

If you like our content kindly support us by whitelisting us Adblocker.