खेल समाचार
trending

एमएस धोनी के मनपसंद मोबाइल गेम पबजी के बैन होने पर उन पर बनें मीम्स

भारत सरकार ने चल रहे सीमा पर चल रहे गतिरोध के कारण देश में 118 चीनी ऐप पर प्रतिबंध लगाने के अपने बड़े फैसले की घोषणा की।

निर्णय की घोषणा के तुरंत बाद से ही इस प्रसिद्ध गेम के निलंबन को लेकर सोशल मीडिया पर मीम्स प्रसारित करना शुरू हो गया।

एक तरफ जहां क्रिकेट के मैदान पर माही और उनके फैन्स को उनकी वापसी का इंतजार होगा, वहीं अब धोनी अपना मनपंसद खेल मोबाइल गेम पबजी(PUBG) नहीं खेल पाएंगे।

धोनी का लोकप्रिय बैटल रॉयल गेम के प्रति लगाव किसी से छुपा नहीं है। धोनी के साथ-साथ भारतीय टीम के कई क्रिकेटर्स इस खेल के दीवाने हैं।

एयरपोर्ट का वेटिंग एरिया हो या फिर होटल के कमरे, क्रिकेटर्स आमतौर पर खाली टाइम में पबजी गेम खेलते हुए देखे गए हैं। टीम के साथियों ने भी रांची में जन्‍में क्रिकेटर का पबजी के प्रति प्‍यार कई बार बताया है।

एमएस धोनी की पत्‍नी साक्षी ने एक इंटरव्‍यू में खुलासा किया था कि उन्‍होंने माही को नींद में भी पबजी के बारे में बातें करते हुए सुना।

साक्षी ने कहा था, ‘धोनी का दिमाग हमेशा कुछ न कुछ सोचता रहता है। वो उसे आराम नहीं देता। जब वो वीडियो गेम खेलता है, तो इससे उसे अपना दिमाग क्रिकेट से हटाने में मदद मिलती है, जो कि अच्‍छी चीज है।

साक्षी की बातें इस बात को उजागर करती हैं कि 39 वर्षीय धोनी इस गेम के कितने बड़े प्रशंसक है।

पबजी बैन होने पर धोनी की प्रतिक्रिया को दर्शाने के लिए कुछ उत्साही MSDians ने ट्विटर पर मेम्स साझा कीं।

गौरतलब है कि भारत में 50 मिलियन सक्रिय PUBG खिलाड़ी हैं। PUBG खेल दुनिया के शीर्ष पांच स्मार्टफोन गेमिंग ऐप्स में शुमार है। धोनी की तरह, युजवेंद्र चहल, केएल राहुल सहित कई अन्य भारतीय क्रिकेटर और कुछ अन्य लोग कथित तौर पर PGG मोबाइल के शौकीन हैं।

यह पहली बार नहीं है कि भारत में चीनी ऐप्स को प्रतिबंधित किया गया है। इससे पहले, सरकार ने सुरक्षा चिंताओं को उजागर करते हुए देश में TikTok सहित 59 ऐप को निलंबित कर दिया था।

बता दें कि धोनी दुबई में हैं और अभी PUBG का आनंद लेना जारी रख सकते हैं, क्योंकि यह मध्य पूर्व में निलंबित नहीं किया गया है, लेकिन भारत लौटने के तुरंत बाद, वह अपने मनपसंद खेल का आनंद नहीं ले पाएंगे।

Tags
Show More

Amit Jha

अमित झा पत्रकारिता की पढ़ाई कर रहे हैं और इससे पहले लेखक के तौर पर मीडिया दरबार में काम करते थे, अब स्पोर्ट्सऑवर के लिए खेल के संबंध में लिखते है

Related Articles

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Back to top button
Close
Close

Adblock Detected

If you like our content kindly support us by whitelisting us Adblocker.