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जानें, ‘ढिंग एक्सप्रेस’ हिमा दास की उपलब्धियों के बारे में

12 जुलाई, 2018 को भारतीय एथलीट हिमा दास ने अपने नाम विश्व रिकॉर्ड किया, जब वह फिनलैंड में भारत की पहली एथलीट बनी जिन्होंने IAAF विश्व चैंपियनशिप में पहली बार ट्रैक फील्ड इवेंट में स्वर्ण पदक अपने नाम किया। हिमा दास ने महिलाओं के 400 मीटर के इवेंट में रोमानिया की एंड्रिया मिल्कोस को मात दी थी। आइए इस भारतीय धावक के बारे में आपको कुछ ऐसी बाते बताते है जिससे आप अनजान है-

जन्म और परिवार

हिमा दास का जन्म 9 जनवरी 2000 में असम के शहर ढिंग के कंधुलिमारी गाँव में हुआ था। उनके माता-पिता, रोनजीत दास और जोनाली दास पेशे से किसान हैं। हिमा के चार भाई-बहन हैं और वह परिवार में सबसे छोटी हैं। हिमा दास जाति बंगाली कायस्थ है, जातीय रूप से वह बंगाली और असमी है।

फुटबॉल उनकी पहली रुचि थी

अपनी स्कूली दिनों के दौरान, हिमा को फुटबॉल में दिलचस्पी थी और वह लड़कों के साथ फुटबॉल खेलती थीं। हालाँकि वह फुटबॉल में अपना करियर बनाना चाहती थी, लेकिन उनके शारीरिक शिक्षा के शिक्षक ने उन्हें स्प्रिंट रनिंग के लिए उनकी लाइन बदलने के लिए मनाया, क्योंकि वे फुटबॉल को उनके सही करियर विकल्प के रूप में नहीं देखते थे।

करियर की शुरूआत

हिमा ने अपने करियर की शुरूआत कांस्य पदक से की थी। जो उन्होंने राज्य चैंपियनशिप में गुवाहाटी में 100 मीटर की दौड़ में जीता था।

दो कोच जो हिमा की जिंदगी में बदलाव लाए

हिमा ने जब स्प्रिंट शुरु किया था तब उनके क्षेत्र में इससे जुड़ी कोई प्रशिक्षण सुविधा नहीं थी। उसके बाद एथलेटिक्स कोच नबजीत मालाकार और निप्पन दास ने उनके परिवार वालों से बात की और हिमा को गुवाहटी में रहने देने की अनुमति मांगी। जहां उन्हें बेहतर प्रशिक्षण सुविधाएं मिली।

हिमा के पास तीन साल पहले तक नहीं था कोई स्पोर्टिंग गियर

हिमा को तीन साल पहले अपने पहले जोड़े गियर के मिले। उससे पहले वह किसी भी खेल गियर, गैजेट या परिधान तक नहीं पहुंच पाई थी।

अंतरराष्ट्रीय डेब्यू

अप्रैल 2018 में उनके करियर ने उड़ान भरी जब उन्होंने 2018 में ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में हुए राष्ट्रमंडल खेलों में भाग लिया। वह फाइनलिस्ट रही लेकिन उन्होंने छठे स्थान पर खत्म किया।

किसी अंतर्राष्ट्रीय ट्रैक इवेंट में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय धावक

हिमा ने विश्व अंडर -20 चैंपियनशिप 2018 में 400 मीटर का फ़ाइनल जीता जो फ़िनलैंड के टेंपेरे में आयोजित किया गया था। ऐसा करने वाली वह पहली भारतीय धावक बनी थी।

सितंबर 2018 में, हिमा ने अंतरराष्ट्रीय ब्रांड एडिडास के साथ एक समर्थन सौदे पर हस्ताक्षर किए

हिमा दास को 25 सितंबर, 2018 को भारत के राष्ट्रपति द्वारा अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया था

नवंबर 2018 में, हिमा को यूनिसेफ-इंडिया के भारत के पहले युवा अंबेसडर के रूप में नियुक्त किया गया था।

जुलाई 2019 के महीने में, हिमा ने भारत के लिए 5 स्वर्ण पदक जीते

हिमा को असम सरकार ने असम के खेल ब्रांड एंबेसडर के रूप में नियुक्त किया

खेल के क्षेत्र में अपनी उपलब्धियों के बाद हिमा को प्यार से ‘ढींग एक्सप्रेस’ कहा जाता है

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ankur patwal

Sports Journalist

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