क्रिकेट

पांच ऐसे एक्टिव खिलाड़ी जिन्होंने भारत के लिए विश्वकप खेला हैं लेकिन टेस्ट मैच नहीं

टेस्ट प्रारूप क्रिकेट का सबसे चुनौतीपूर्ण रूप है, हालांकि ज्यादातर क्रिकेटर का सपना अपने देश के लिए एक विश्वकप खेलने का होता है। एमएस धोनी के नेतृत्व में आईसीसी टेस्ट गदा और विश्व कप ट्रॉफी पर कब्जा करने के बाद भारत ने दोनों प्रारूपों में उचित सफलता देखी है।

कई क्रिकेटरों को भारत के लिए टेस्ट और वनडे दोनों प्रारूपों में खेलने का मौका मिला हैं लेकिन भारत के कुछ ऐसे दुर्भाग्यपूर्ण खिलाड़ी हैं जिन्हें कभी देश के लिए टेस्ट क्रिकेट खेलने का मौका नहीं मिला।

इस लेख में, हम उन 5 भारतीय खिलाड़ियों पर एक नज़र डालते हैं, जिन्होंने विश्व कप खेला हैं लेकिन टेस्ट टीम में कभी जगह नहीं बना पाए।

1 केदार जाधव

केदार जाधव ने अपनी शानदार गेंदबाजी और बल्लेबाजी के दम पर 2019 विश्वकप टीम में जगह बनाई थी। उन्होंने विश्वकप में भारत के लिए 7 मैचे खेले, हालांकि वह केवल अफगानिस्तान की टीम के खिलाफ ही बड़ा स्कोर कर पाए और एक अर्धशतक लगाया।

ऑलराउंडर खिलाड़ी को टूर्नामेंट में कोई विकेट भी हासिल नहीं हुआ और उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में 6 ओवर फेंके थे। जाधव ने भारत के लिए 64 वनडे और 9 टी-20 खेले है, लेकिन अभी तक उन्हें टेस्ट खेलने का मौका नहीं मिला हैं।

2 युजवेंद्र चहल

युजवेंद्र चहल भी भारत की 2019 विश्वकप टीम का हिस्सा थे और उन्हें इस टूर्नामेंट में जाधव से ज्यादा सफलता मिली। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में 12 विकेट लिए। वनडे में अबतक युजी का प्रदर्शन काफी शानदार रहा है लेकिन अबतक उन्हें टेस्ट टीम से खेलने का मौका नहीं मिला हैं।

भारत के पास लंबे समय से टेस्ट क्रिकेट में एक राइट आर्म लेगी स्पिनर नहीं है और भविष्य में चहल इस भूमिका में नजर आ सकते हैं।

3 युसूफ पठान

युसूफ पठान के क्रिकेट में कोई तकनीक नहीं हैं और वह एक विस्फोटक बल्लेबाज हैं, यह भी एक कारण हो सकता हैं जिसके चलते उन्हें भारतीय टीम से टेस्ट खेलने का मौका नहीं मिला। हालांकि, उन्होंने 2010 के दलीप ट्रॉफी के फाइनल में पठान ने वेस्ट जोन के लिए खेलते हुए एक शानदार दोहरा शतक लगाया था, जिसमें टीम 526 रनों के लक्ष्य का पीछा कर रही थी।

उसके बाद वह कभी घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए जिसके चलते टेस्ट टीम में जगह बनाना उनके लिए मुश्किल हुआ।

पठान विश्वकप 2011 की टीम का हिस्सा था और उन्हें टूर्नामेंट में 6 मैच खेलने का मौका मिला था, लेकिन उन्हें इन मैचों में खेलने का ज्यादा मौका नहीं मिला क्योंकि उस दौरान भारत का टॉप ऑर्डर बहुत मजबूत था।

4 राॉबिन उथप्पा

उथप्पा भारत की विश्वकप 2007 की टी-20 टीम का हिस्सा थे। उस टूर्नामेंट में दाएं हाथ के बल्लेबाज ने तीन ग्रुप मैच खेले थे लेकिन केवल 30 रन ही बनाए।

उन्हें भारत की वनडे टीम से बहुत जल्दी ड्रॉप कर दिया गया था और वह केवल 46 वनडे मैच ही खेल पाए, जिसमें उनके नाम भी शतक नहीं था। 34 वर्षीय खिलाड़ी के अच्छे दिन अब चले गए हैं और जहां तक विकेटकीपर की भूमिका के रूप में उन्हें टीम में रखने की बात आती हैं तो इस सूची में उनसे आगे कई खिलाड़ी हैं। जिससे यह अनुमान लगाया जा सकता है अब उथप्पा को कभी भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट में खेलने का मौका नहीं मिलेगा।

5 मोहित शर्मा

चेन्नई सुपर किंग्स के लिए कई शानदार सीजन बिताने के बाद मोहित शर्मा को 2015 विश्वकप की टीम में जगह मिली थी। उन्होंने उस दौरान किसी को निराश नहीं किया और टूर्नामेंट में 15 विकेट चटकाए थे।

शर्मा की गेंदबाजी विविधताओं पर बनी है और बल्लेबाजों को प्रतिबंधित करती है, इसलिए उन्होंने कभी भी भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट नहीं खेला है। वह रणजी ट्रॉफी में हरियाणा के लिए सभ्य रहे हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए कभी भी काफी अच्छे नहीं रहे हैं।

शर्मा अभी 31 साल के हैं, और जैसे इस सूची में खिलाड़ी है उसी तरह उन्हें भी कभी टीम इंडिया के लिए टेस्ट क्रिकेट खेलना का मौका नहीं मिला।

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ankur patwal

Sports Journalist

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